Menu

दुनिया
भारत किसी देश के दबाव में अपनी विदेश नीति नहीं बनाता है

nobanner

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर स्पष्ट रूप से भारत का पक्ष रखा है. अमेरिका ने ईरान और वेनेजुएला पर प्रतिबंध लगाए हैं. विदेश मंत्री का कहना है कि बावजूद इन प्रतिबंधों के भारत इन देशों के साथ कारोबार करना जारी रखेगा. साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत सिर्फ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को मानता है. इस बयान के बाद साफ है कि एक देश के तौर पर भारत अमेरिकी प्रतिबंधों को तरजीह नहीं देता.

विदेश मंत्री स्वराज ने कहा, “हम सिर्फ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को ही मानते हैं.” स्वराज ने अमेरिकी प्रतिबंधों का ईरान और वेनेजुएला से भारत के तेल आयात पर पड़ने वाले असर के सवाल में जवाब में यह बात कही. उन्होंने यह भी कहा कि भारत किसी भी देश के दबाव में अपनी विदेश नीति नहीं बनाता है.

आपको बता दें कि इस महीने की शुरुआत में अमेरिका ने ईरान के साथ 2015 में हुए परमाणु समझौते से खुद को अलग कर लिया था. इस फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ फिर से प्रतिबंध लगा दिए थे. अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के फिर से चुने जाने के बाद इस देश के खिलाफ प्रतिबंधों को और सख्त करने की घोषणा की थी.

आपको ये भी बता दें कि ईरान भारत को तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्ति कर्ता है, जबकि वेनेजुएला भारत को तेल की आपूर्ति करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है