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PFRDA ने पेंशन डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के लिए नए नियम नोटिफाई किए, सुलझेंगी पेंशन से जुड़ी दिक्कतें

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पेंशन मिलना आसान बनाने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं. इसके तहत पेंशन कोष नियामक- पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने पेंशन प्रोडक्ट्स का डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम मजबूत बनाने के लिए बिक्री केंद्र (प्वाइंट आफ प्रजेंस- पीओपी) से जुड़े नये नियम नोटिफाई किए हैं. इसका उद्देश्य वृद्धावस्था पेंशन योजना को लोकप्रिय बनाना है. नये नियम मार्च 2015 के पीओपी नियम का स्थान लेंगे.

नियामक ने कहा कि इसका मकसद राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और अन्य योजनाओं के लिये एक स्वतंत्र, मजबूत और प्रभावी डिस्ट्रीब्यूशन चैनल को प्रोत्साहित करना है. नया नियम यह तय करने पर जोर देता है कि वृद्धावस्था आय सुरक्षा को लेकर पीओपी की बाजार गतिविधियां अंशाधरकों के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम हों. पीओपी अंशधारकों के लिये पेंशन योजनाओं से जुड़े मामलों को देखेंगे और योजना से संबंधित उनके सवालों का समाधान करेंगे.

नये नियम के अनुसार , ‘पीओपी अंशधारकों के अनुरोध को प्राप्त करने और और उसे आगे बढ़ाने और पूरा करने के लिये जवाबदेह होंगे.’ नये नियमन में इस बात पर जोर दिया गया है कि पीओपी बीमा नियामक के जरिए तय की गई फीस के अलावा दूसरी कोई राशि वसूल नहीं करेगा.

पीएफआरडीए ने यह भी साफ किया है कि पीओपी समयसीमा, नुकसान समेत अगर सर्विस स्टेंडर्ड या किसी भी गाइडलाइन का पालन नहीं करता है तो वह अंशधारकों के नुकसान की भरपाई करने के लिये जवाबदेह होगा.

पीओपी का काम अंशधारकों का रजिस्ट्रेशन, ग्राहक को जानो (केवाईसी) सत्यापन, योगदान प्राप्त करना, अंशधारकों के अनुरोध को स्वीकार करना और उसे एनपीएस प्रक्रिया में भेजने का काम होगा