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राजनीति
टिकट कटवा रहा नमो ऐप, सीधे मोदी तक पहुंच रहा MP-MLA’s का फीडबैक

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आगामी विधानसभा चुनाव में तारीखों के ऐलान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है टिकट का बंटवारा और बागियों पर काबू पाना. छ्त्तीसगढ़ के लिए बीजेपी ने 77 सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, जिसमें 14 विधायकों के टिकट कटे हैं. वहीं खबर यह भी है कि सत्ता विरोधी लहर को कमतर करने के लिए बीजेपी इस बार बड़े पैमाने पर विधायकों के टिकट काट सकती है.

नमो ऐप से सीधे पीएम तक पहुंच रहा फीडबैक

दरअसल, बीजेपी इस रणनीति के जरिए अन्य राज्यों के नेताओं और लोकसभा सांसदों को एक संदेश भी देना चाहती है कि यदि उनका फीडबैक ठीक नहीं रहा तो आगामी चुनावों में काम के आधार पर उनके ऊपर भी गाज गिर सकती है. याद कीजिए मध्य प्रदेश के कार्यकर्ता महाकुंभ पार्टी अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से कहा था कि आपका सबसे बड़ा हथियार नमो ऐप है जिसके जरिए आप सीधे पीएम से जुड़े हैं. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक पारंपरिक माध्यम से फीडबैक के अलावा इस बार नमो ऐप के जरिए भी फीडबैक लिया जा रहा है. नमो ऐप का इस्तेमाल आम जनता और पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता अपने प्रतिनिधियों के प्रदर्शन के बारे में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फीडबैक दे रहे हैं.

जाहिर है टिकट वितरण से पहले नमो ऐप बीजेपी के रणनीतिकारों के लिए कारगर हथियार साबित होगा.

मध्य प्रदेश में 70-80 विधायकों के कट सकते हैं टिकट

सत्ताधारी बीजेपी के मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में 165 विधायक हैं. ऐसे में खबर आ रही है कि बीजेपी इनमें से लगभग आधा यानी 70-80 विधायकों के टिकट काटने पर गंभीरता से विचार कर रही है, जिनमें से कुछ मंत्री भी शामिल हैं. बीजेपी के एक नेता ने नाम सामने न आने देने की शर्त पर कहा है कि कुछ नेताओं के खिलाफ जनता में आक्रोश है जिसकी वजह से पार्टी आलाकमान ये फैसला ले सकती है. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान उन्हें काम न करने वाले कुछ नेताओं के बारे में शिकायतें भी मिली हैं. ऐसे में बीजेपी का मानना है कि जिन सीटों पर उनके नेताओं के खिलाफ जनता का आक्रोश है, उन सीटों पर नए चेहरों के साथ उतरा जाए.

गौरतलब है कि 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 25 फीसदी सीटों पर नए चेहरों को तरजीह दी थी जिसमें से 75 फीसदी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की. जाहिर है पार्टी इस स्ट्राइक रेट को फिर आजमाना चाहती है. लेकिन इस बार इनकी संख्या में इजाफा हो सकता है.

राजस्थान में भी बड़े पैमाने पर कट सकते हैं टिकट

कमोवेश यही हालत राजस्थान बीजेपी में भी है. 200 सदस्यीय राजस्थान में बीजेपी के 163 विधायक हैं. हाल में बीजेपी के एक आंतरिक सर्वे में सीटों को तीन श्रेणी में बांटा गया. इस सर्वे के मुताबिक राजस्थान की 137 सीट विधानसभा सीटों को B और C की श्रेणी में रखा गया है. जिनके बारे में कहा जा रहा है कि इनमें से अधिकांश सीटों पर नए चेहरों को टिकट थमाए जा सकते हैं. चौंकाने वाली बात है कि मंत्रिपरिषद के अधिकांश सदस्यों के क्षेत्र भी इस डेंजर जोन में है.

आपको बता दें कि 2013 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 125 सीटों पर नए चेहरों को मौका दिया था, जिसमें 95 फीसदी चेहरे सफल रहे थे. जाहिर है इस बार भी पार्टी टिकट वितरण के दौरान इस स्ट्राइक रेट को नजरअंदाज नहीं कर सकती. राजस्थान में बीजेपी के प्रभारी और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा था कि इस बार टिकट वितरण काफी चौंकाने वाला होगा और मौजूदा विधायकों के टिकट कटने से पार्टी को मदद मिलेगी.

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने पिछले दिनों चुनाव समिति की बैठक के बाद प्रेस वार्ता में कहा था कि जब बीजेपी को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं तो जनता इनकी सरकार पर क्या भरोसा करेगी.


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